20 September 2013

तुम्हें अभी लड़ना होगा लिंकिन




 लिंकिन सुबुद्धि अब भी दिमाग़ में घूम रही है। उसके सिर पर गंभीर चोटें आईँ हैं। उम्मीद करती हूं कि जल्द ही वो ठीक हो जाएंगी। लिंकिन 29-30 साल की शिक्षिका हैं। उन पर जानलेवा हमला किया गया है। क्योंकि लिंकिन ने अपनी एक होनहार छात्रा के बाल विवाह का विरोध किया। एक एनजीओ से जुड़ी लिंकिन नोएडा के ही झुग्गी बस्तियों में पढ़ाती हैं। यहीं 8वीं की वो छात्रा भी थी जिसकी मां उस पर लगातार शादी के लिए दबाव डाल रही थी। छात्रा खुद दो साल से इस बात का विरोध कर रही है। उसकी उम्र करीब 15-16 साल होगी। जिस लड़के से वो मां अपनी बेटी की शादी कराना चाहती थी वो भी उनके साथ ही रहता था। लड़की पर लगातार शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था। लड़की ने बताया कि शादी को लेकर उसकी मां उससे मारपीट करती थी। इससे भी ख़ौफ़नाक ये कि जिस लड़के से उसकी शादी तय करायी जा रही थी उसने लड़की के साथ बलात्कार की कोशिश भी की। लिंकिन की सहयोगियों ने बताया कि वो छात्रा बहुत होनहार है। लिंकिन उसकी मां को समझाने गई थी कि वो अपनी बेटी पर शादी का दबाव न बनाए। वो इस बाल विवाह को रोकने की कोशिश कर रही थी। तभी छात्रा की मां ने उस लड़के के साथ मिलकर लिंकिन पर हमला कर दिया। उसके सर पर वार किया। लिंकिन अभी नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती हैं। ब्रेन हैमरेज हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक वो खतरे से बाहर हैं। दूसरों के लिए खड़े होनेवाले और लड़नेवाले लोग हैं ही कितने। लिंकिन उस  बच्ची की खातिर खड़ी हुई। लड़की बाल सुरक्षा गृह भेज दी गई है और उसकी मां गिरफ़्तार है।

(20 सितंबर, नोएडा)

2 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी का लिंक कल शनिवार (21-09-2013) को "एक भीड़ एक पोस्टर और एक देश" (चर्चा मंचःअंक-1375) पर भी होगा!
हिन्दी पखवाड़े की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Smart Indian - अनुराग शर्मा said...

दुखद घटना का सुखद पक्ष यह है कि लिंकिन जैसी विभूतियाँ आज भी हैं. आशा है वे जल्दी ठीक हो जायेंगी. किसी तरह छात्रा की माँ (और उस जैसे अनेक परिस्थिति के मारों को) पहले ही समझाया जा सका होता तो कितना अच्छा होता.