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20 August 2016

मिशेल ओबामा का दमदार भाषण






विश्व के शक्तिशाली मंचों में से एक पर खड़े होकर पूरे आत्मविश्वास के साथ मुस्कुराना। दर्शकों को अपनी बात सुनने के लिए आतुर देखना। अपने एक एक शब्द पर दर्शकों की ओर से तालियों की गड़गड़ाहट, उत्साह से गूंजता हॉल। यह किसी नेता के लिए नहीं बल्कि उसकी पत्नी के लिए था। दर्शकों की ऐसी प्रतिक्रिया बराक ओबामा को पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने पर मिली थी। कुछ वैसी ही प्रतिक्रिया मिशेल ओबामा को अब मिल रही है, जब बराक ओबामा व्हाइट हाउस से विदा लेने वाले हैं। आठ वर्षों तक अमेरिका ने एक अश्वेत को राष्ट्रपति पद पर बनाए रखा। अब एक महिला यहां नई परंपरा की नींव डालने के लिए राष्ट्रपति पद की प्रमुख दावेदार है।  

डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेन्शन में अमेरिका की फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा के भाषण की बहुत तारीफ हुई। यहां तक कहा गया कि यदि मिशेल ओबामा चुनाव लड़ने के लिए आएं तो शायद जीत जाएं। अमेरिका की फर्स्ट लेडी बनने के बाद मिशेल ओबामा की तारीफ पहले पहल उनके लिबास को लेकर खूब हुई। उनका स्टाइल लोगों को खूब भाया। वे किस तरह के कपड़े पहनती हैं अमेरिकी मीडिया समेत तमाम देशों के मीडिया ने इसी पर फोकस किया। मिशेल जब अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत दौरे पर आईं तो यहां भी उनके कपड़ों पर ही बात की गई। क्या इस महिला की बात सिर्फ उसके स्टाइल और कपड़ों के लिए होनी चाहिए। मेरी राय में मिशेल की भूमिका इससे आगे भी है।

बराक ओबामा के आठ वर्षों के कार्यकाल में मिशेल की तस्वीरें मीडिया के लिए एक्सक्लूसिव बनी रहीं। कुछ इस तरह कि जैसे वे कोई बड़ी फिल्मी स्टार हों। उनका सांस्कृतिक समारोहों में जाना। बच्चों के साथ हिलना मिलना। अपनी दो बेटियों की परवरिश। बराक ओबामा के साथ भी उनकी रोजमर्रा की तस्वीरें भी कुछ कौतुहल के साथ इस तरह देखी जाती रहीं, कि देखो एक ताकतवर देश का राष्ट्रपति और उसकी पत्नी कितने आम लोग सरीखे लगते हैं। बराक फूलों के छाप वाली शर्ट पहनकर मिशेल के कंधे पर हाथ रखकर फोटो खिंचवाते हैं। जैसे कि कोई भी आम व्यक्ति अपने परिवार के साथ फुर्सत के क्षण बिताता है। दरअसल हमारे देश में यह आडंबर है। हम अपने नेता, अभिनेता को आम लोगों की तरह व्यवहार करते देख ही नहीं पाते। जो तस्वीरें या वीडियो फुटेज सामने आते हैं उसमें वे एक खास दंभ से भरे नज़र आते हैं। और अगर किसी ओहदेदार व्यक्ति की यूं ही सी कोई तस्वीर नज़र आ जाए तो उसकी चीरफाड़ करने में ज़रा देर नहीं लगाते। उदाहरण के तौर पर मीडिया में प्रियंका गांधी वाड्रा की तस्वीरें। प्रियंका सूती साड़ी पहननेवाली महिला तो नहीं हैं। लेकिन चुनाव के समय वे ऐसे ही परिधान में लोगों के सामने जाती हैं। वोट देने के लिए जींस पहनकर जा रही प्रियंका वाड्रा की तस्वीर अगर आ जाए तो टीवी चैनलों की जैसे बांछे खिल आएं। ये दिखावटीपन हमारे समाज में ज्यादा है। इसलिए न लोग अपने नेता को हलके फुलके अंदाज़ में देख पाते हैं, न नेता-अभिनेता हलके फुलके आम लोगों सरीखे अंदाज़ में लोगों के सामने आना पसंद करते हैं।

मिशेल ओबामा ने अपने भाषण में जिस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की तरफदारी की, उसका फायदा हिलेरी को जरूर मिलेगा। मंच से भाषण देते समय मिशेल ओबामा राष्ट्रपति की पत्नी नहीं बल्कि खुद एक सशक्त वक्ता के तौर पर बोल रही थीं। उनके एक एक शब्द को वहां मौजूद दर्शक ध्यान से सुन रहे थे। उनके शब्द लोगों की संवेदनाओं को छू रहे थे। जैसे कि व्हाइट हाउस को तैयार करने में कितने ही गुलामों का पसीना बहा था। आज उस व्हाइट हाउस में एक अश्वेत परिवार की दो बेटियां खेल रही हैं। अमेरिका और दुनिया भर के अश्वेत लोगों के लिए यह संवेदनशील विषय है। एक अश्वेत महिला आने वाले चुनाव के लिए एक श्वेत महिला के पक्ष में बात कर रही है, यह भी अपने आप में बड़ी बात है। 

हमारे समाज में घर और परिवार की जिम्मेदारी संभालती महिलाओं को हाउस वाइफ कहकर उनकी मेहनत पर दो शब्दों से पानी उड़ेल दिया जाता है। जो घर में सबसे पहले जागती है और सबसे आखिर में सोती है। उसके दिन भर की उठापटक की कोई कीमत अब भी नहीं समझी जाती। मिशेल ओबामा सिर्फ राष्ट्रपति की पत्नी की हैसियत से राजनीतिक-सामाजिक समारोहों में जाने वाली हाउस वाइफ की तरह नहीं हैं। बल्कि इस भाषण के साथ उनका कद बराक ओबामा से आगे दिखाई देता है। इसके लिए बराक ओबामा भी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने मिशेल को वो स्पेस दिया जो हमारा पुरुषवादी समाज अब भी स्त्री के उसके अपने हिस्से के स्पेस पर अतिक्रमण कर लेता है। मिशेल ओबामा को अपनी पहचान के लिए बराक ओबामा की जरूरत नहीं। वे खुद अपने नाम, स्टाइल, भाषण, आत्मविश्वास और ज़िंदगी जीने के तरीके से जानी जा रही हैं। 

मिशेल ने यह भाषण 25 जुलाई 2016 को दिया था। जिसका यूट्यूब लिंक आप देख सकते हैं
 
https://www.youtube.com/watch?v=4ZNWYqDU948

(चित्र गूगल से साभार)