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30 September 2013

लाल सिंह दिल


लाल सिंह दिल पंजाब के चर्चित कवि हैं। हाल ही में उनकी किताब देखने को मिली, इत्मीनान से पढ़ने को अभी नहीं, हालांकि मुझे उम्मीद है जल्द ही उनकी किताब पढ़ने के लिए भी मुझे हासिल हो जाएगी। लाल सिंह दिल की ये दो कविताएं अपने ब्लॉग पर प्रकाशित करने से रोक नहीं सकी।  


1.
जब
बहुत-से सूरज मर जाएंगे
तब
तुम्हारा युग आएगा
है ना?
...
2.
वह साँवली औरत
जब कभी ख़ुशी में भरी कहती है--
"मैं बहुत हरामी हूँ !"
वह बहुत कुछ झोंक देती है
मेरी तरह
तारकोल के नीचे जलती आग में
तस्वीरें
क़िताबें
अपनी जुत्ती का पाँव
बन रही छत
और
ईंटें ईंटें ईंटें